IMPS सुरक्षा चरण कैसे काम करते हैं
raja7com पर IMPS से जुड़ा हर लेनदेन एक निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया से गुज़रता है। पहले आपका बैंक खाता नंबर और IFSC कोड दर्ज होता है, फिर आपकी पहचान — आधार या सरकारी दस्तावेज़ — की जांच होती है। इंदौर जैसे शहरों में भी यह प्रक्रिया एक जैसी है। खाता स्वीकृत होने के बाद IMPS लेनदेन की हर प्रविष्टि एक यूनिक रेफ़रेंस नंबर
के साथ दर्ज होती है। यदि कोई असामान्य गतिविधि दिखे, तो हमारी सहायता टीम तुरंत खाते की समीक्षा करती है। वास्तविक धन वाला गेमिंग नहीं — सभी लेनदेन केवल लागू भारतीय कानून के अधीन और सख्त पात्रता जांच के बाद ही संभव हैं।